| From Shayar Deepak Sharma |
Saturday, 4 September 2010
Sunday, 1 August 2010
फ्रेंडशिप डे पर दीपक शर्मा कि ओर से आप सब के लिए .....
आप का साथ मुझे हौसला देता है
सादिक़ दोस्त सादिक़ सिला देता है
प्यार तेरा खुदाया करम है मुझ पे
ख्याल तेरा मुझे अक़्सर रुला देता है.
(सर्वाधिकार सुरक्षित @ दीपक शर्मा )
सादिक़ दोस्त सादिक़ सिला देता है
प्यार तेरा खुदाया करम है मुझ पे
ख्याल तेरा मुझे अक़्सर रुला देता है.
(सर्वाधिकार सुरक्षित @ दीपक शर्मा )
Saturday, 24 July 2010
Friday, 16 July 2010
Sunday, 30 May 2010
Wednesday, 26 May 2010
सेमल जैसी काया लेकर
सेमल जैसी काया लेकर देखो चंदा आया रे
रौशन जगमग मेरे अंगना देखो उतरा साया रे
पूनो वाली ,रात अमावास जैसी लगती दुनिया को
चांदनी मेरे द्वारे आई ,छाया जग मे उजियारा रे ।
दूध कटोरे माफिक आंखिया,बिन बोले कह देती बतिया
रात बने दिन जगते जगते ,दिन भये सोते सोते रतिया
मुंह से दूध की लार गिरे तो मां ने हाथ फैलाया रे
चांदनी मेरे द्वारे आई ,छाया जग मे उजियारा रे ।
सर्वाधिकार सुरक्षित @ दीपक शर्मा
कवि दीपक शर्मा
रौशन जगमग मेरे अंगना देखो उतरा साया रे
पूनो वाली ,रात अमावास जैसी लगती दुनिया को
चांदनी मेरे द्वारे आई ,छाया जग मे उजियारा रे ।
दूध कटोरे माफिक आंखिया,बिन बोले कह देती बतिया
रात बने दिन जगते जगते ,दिन भये सोते सोते रतिया
मुंह से दूध की लार गिरे तो मां ने हाथ फैलाया रे
चांदनी मेरे द्वारे आई ,छाया जग मे उजियारा रे ।
सर्वाधिकार सुरक्षित @ दीपक शर्मा
कवि दीपक शर्मा
Wednesday, 28 April 2010
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